यूरोप की विवशता - हमारी मूर्खता
*1.* आठ महीने ठण्ड के कारण, कोट पैंट पहनना उनकी विवशता *और शादी वाले दिन भरी गर्मी में कोट - पैंट डाल कर बरात ले जाना, हमारी मूर्खता..*
*2.* ताजा भोजन उपलब्ध ना होने के कारण, सड़े आटे से पिज्जा, बर्गर, नूडल्स खाना यूरोप की विवशता *और 56 भोग छोड़ कर ₹ 400/- की सड़ी रोटी (पिज्जा ) खाना, हमारी मूर्खता..*
*3.* ताज़ा भोजन की कमी के कारण फ्रीज़ इस्तेमाल करना, यूरोप की विवशता *और रोज ताजी सब्जी बाजार में मिलनें पर भी, हफ्ते भर की सब्जी फ्रीज में ठूँस सड़ा कर खाना, हमारी मूर्खता..*
*4.* जड़ी - बूटियों का ज्ञान ना होने के कारण, जीव जन्तुओं के माँस से दवायें बनाना, उनकी विवशता और आयुर्वेद जैसा महान चिकित्सा होने के बावजूद, माँस की दवाईयाँ उपयोग करना, हमारी मूर्खता..
*5.* पर्याप्त अनाज ना होने के कारण जानवरों को खाना, उनकी विवशता और 1600 किस्मों की फसलें होनें के बावजूद, स्वाद के लिए निरीह प्राणी मार कर खाना, हमारी मूर्खता..
*6.* लस्सी,मट्ठा, छाछ, दूध, जूस , शिकंजी आदि ना होने के कारण, कोल्ड ड्रिंक पीना उनकी विवशता और 36 तरह के पेय पदार्थ होते हुऐ भी, कोल्ड ड्रिंक नामक जहर पी कर खुद को आधुनिक समझना, हमारी मूर्खता..
*अनुरोध :* भारतीय सँस्कृति अद्वितीय, पुरातन एवं महान है ।
इस पर अवश्य विचार करें..
श्री नितीन मरकाळे
वास्तु सलाहकार

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