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रत्नाध्याय Gems Therapy in Vastu

Patanjali Yog

Patanjali yog 
यदि तुम अन्याय व अपराध का विरोध नहीं करते हो तो समझ लो कि तुम स्वयं भी अन्याय अधर्म व शोषण के समर्थक हो।

योग अज्ञान से ज्ञान जड़ से चेतन जीव से ब्रह्म प्रत्यक्ष से परोक्ष व शांत से अनंत की आध्यात्मिक यात्रा है।

जिस देश के नेतृत्व में पराक्रम शीलता विनय शीलता पारदर्शिता व दूरदर्शिता नहीं होती वह राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकता।

समय ही संपत्ति है जो समय का सम्मान नहीं करता तथा समय के साथ नहीं चलता उसको समय कभी भी माफ नहीं करता।

मनुष्य स्वभाव से ही शाकाहारी है मानवीय शरीर की संरचना शाकाहारी प्राणी की है यह वैज्ञानिक सत्य है

हम योग के द्वारा स्वास्थ्य समृद्धि व संस्कारवान राष्ट्र वह विश्व का निर्माण करना चाहते हैं।

पूरी दुनिया का इतिहास साक्षी है कि जब किसी भी देश के करोड़ों लोग एक साथ किसी आंदोलन में खड़े होते हैं तो व्यवस्थाएं सताए तथा इतिहास बदल  जाता है असंभव संभव हो जाता है



जिस समाज व राष्ट्र में सज्जनों का सम्मान व सत्कार तथा दुष्टों का अपमान और तिरस्कार नहीं होता उस समाज व राष्ट्र का विनाश सुनिश्चित है।



सज्जन का आदर्श तो वही होता है कि वह मस्त रहता है व्यस्त रहता है और संतुष्ट रहता है। 




हम जाति पंथ मजहब व प्रांत वाद की संकीर्णता को तोड़कर योग से पूरे राष्ट्र व मानवता को आपस में जोड़ना चाहते हैं।




बिना अष्टांग योग की साधना के कोई योगी नहीं बन सकता।




वसुधैव कुटुंबकम पूरा विश्व ही मेरा परिवार है।




जीवन के क्षेत्र में क्षितिज तक वही पहुंचते हैं जो आग्रह नहीं रखते।




मानव जीवन की आधारशिला है 16 संस्कार।





धरती जैसा धैर्य ,अग्नि जैसा तेज, वायु जैसा वेग ,जल जैसी शीतलता, व आकाश जैसी विराटता मेरे परमात्मा ने मुझे विरासत ने दी है।





आरोग्य मानव मात्र का मौलिक अधिकार है आरोग्य मानव मात्र का जन्म सिद्ध अधिकार है योग प्राणायाम के द्वारा स्वास्थ्य में स्वावलंबी बने।





विषयों से भरे इस जगत में प्राण और मन को टूटने फूटने से बचाने के लिए आत्म सुरक्षा का ब्रह्मचर्य ही एकमात्र माध्यम है।





वैराग्य पलायन का नाम नहीं अर्पित विवेक की पराकाष्ठा का नाम ही वैराग्य है।





यदि आप समाधान का हिस्सा नहीं है तो आप स्वयं एक समस्या है।





अतीत व्यथित हो चुका है भविष्य अनागत है अतः जहां हो वही समग्रता से वर्तमान में जीना ही योग है।





बिना संघर्ष किए कभी भी विजय नहीं मिलती अतः अपनी शक्तियों को पहचानो एवं संगठित होकर इन आसुरी शक्तियों को परास्त कर दो।






नशा व शराब एक सामाजिक अपराध एवं सर्वनाश की जड़ है।






संतुलन ही जगत व जीवन का शाश्वत सिद्धांत है संतुलन ही स्वास्थ्य है भौतिक एवं भावनात्मक और संतुलन व नियंत्रण अनियमितता व विषमता से ही सब रोगों का जन्म होता है।






यह दोनों वाक्य समानांतर सच है  योग शरीर को भाता है और शरीर योग को।






सत्य की खोज सहज स्वतंत्रता में ही होती है।






एक क्षण के पवित्र संकल्प या विचार से दृष्ट व्यक्ति भी परिवर्तित होकर सज्जन बन सकता है।







भारत की धरती स्वर्ग भूमि है अमृत इसका पानी है बच्चा बच्चा है भगत सिंह  बहने झांसी की रानी है।







जैसे हमारे शारीरिक विकास का आधार हमारा आहार होता है वैसे ही हमारे मन बुद्धि  सहित समस्त भावनात्मक विकास का आधार हमारे विचार होते हैं।








योग करने के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण उपकरण जो आपको चाहिए होंगे वो हैं आपका शरीर और आपका मन।








 जब आप सांस लेते हैं , आप भगवान से शक्ति ले रहे होते हैं। जब आप सांस छोड़ते हैं तो ये उस सेवा को दर्शाता है जो आप दुनिया को दे रहे हैं।









Yoga is a light, which once lit, will never dim. The better your practice, the brighter the flame.









एक फोटोग्राफर लोगों से उसके लिए पोज दिलवाता है।  एक योग प्रशिक्षक लोगों से खुद के लिए पोज दिलवाता है।









जब सांसें विचलित होती हैं तो मन भी अस्थिर हो जाता है।  लेकिन जब सांसें शांत हो जाती हैं , तो मन भी स्थिर हो जाता है, और योगी दीर्घायु हो जाता है। इसलिए , हमें श्वास पर नियंत्रण करना सीखना चाहिए।









प्रशिक्षण के पवित्र संकल्प या विचार से दृष्ट अदम व नीच व्यक्ति भी महान बन सकता है।









योग के द्वारा आत्म दर्शन करना ही परम धर्म है।









योग हर उस व्यक्ति के लिए संभव है जो वास्तव में इसे चाहता है। योग सार्वभौमिक है ….लेकिन योग को सांसारिक लाभ हेतु एक व्यवसायिक दृष्टिकोण से ना अपनाएं।









Yoga is the fountain of youth. You’re only as young as your spine is flexible.








      योग 99% अभ्यास और 1% सिद्धांत है।









      Yoga is 99% practice and 1% theory.









      योग यौवन का फव्वारा है। आप उतने ही नौजवान हैं जितनी आपके रीढ़ की हड्डी लचीली है।










      योग वह प्रकश है जो एक बार जला दिया जाए तो कभी कम नहीं होता। जितना अच्छा आप अभ्यास करेंगे , लौ उतनी ही उज्जवल होगी।










      Yoga is possible for anybody who really wants it. Yoga is universal…. But don’t approach yoga with a business mind looking for worldly gain.










      Anyone who practices can obtain success in yoga but not one who is lazy. Constant practice alone is the secret of success.










      जो कोई भी अभ्यास करता है वह योग में सफलता पा सकता है लेकिन वो नहीं जो आलसी है। केवल निरंतर अभ्यास ही सफलता का रहस्य है।











      Yoga is invigoration in relaxation. Freedom in routine. Confidence through self control. Energy within and energy without.

      योग विश्राम में उत्साह है। दिनचर्या में स्वतंत्रता। आत्म नियंत्रण के माध्यम से विश्वास। भीतर ऊर्जा और बाहर ऊर्जा ।

      Inhale, and God approaches you. Hold the inhalation, and God remains with you. Exhale, and you approach God. Hold the exhalation, and surrender to God.

      योग स्वीकार करता है। योग प्रदान करता है

      Yoga accepts. Yoga gives.

      Yoga is really trying to liberate us from … shame about our bodies. To love your body is a very important thing — I think the health of your mind depends on your being able to love your body.

      सांसें अंदर लो , और ईश्वर तुम तक पहुँचता है।  सांसें रोके रहो , और ईश्वर तुम्हारे साथ रहता है। सांसें बाहर निकालो, और तुम ईश्वर तक पहुँचते हो।  सांसें छोड़े रहो , और ईश्वर के प्रति समर्पित हो जाओ।

      The body is your temple. Keep it pure and clean for the soul to reside in.

      शरीर  आपका मंदिर है। आत्मा के निवास के लिए इसे पवित्र और स्वच्छ रखिये।

      ध्यान का बीज बोएं और मन की शांति का फल पाएं।

      योग को दृढ संकल्प और अटलता के साथ बिना किसी मानसिक संदेह या संशय के साथ किया जाना चाहिए।

      कर्म योग में कभी कोई प्रयत्न बेकार नहीं जाता, और इससे कोई हानि नहीं होती। इसका थोड़ा सा भी अभ्यास जन्म और मृत्यु के सबसे बड़े भय से बचाता है।

      Yoga is almost like music in a way; there’s no end to it.

      This yoga should be practiced with firm determination and perseverance, without any mental reservation or doubts.

      Plant the seed of meditation and reap the fruit of peace of mind.

      योग वास्तव में हमें …  हमारे शरीर के शर्मिंदगी से स्वतंत्र करने का प्रयास कर रहा है।   अपने शरीर से प्रेम करना बहुत ज़रूरी चीज है — मेरा मानना है आपके दिमाग की सेहत आपके अपने शरीर को प्रेम करने की योग्यता पर निर्भर करती है।

      In Karma yoga no effort is ever lost, and there is no harm. Even a little practice of this discipline protects one from great fear of birth and death.

      सिद्दध्यसिद्दध्यो समोभूत्वा समत्वंयोग उच्चते

      अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।

      योग एक  तरह  से  लगभग संगीत जैसा है; इसका कोई अंत नहीं है।

      योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे एक सीधा विज्ञान है… जीवन जीने की एक कला है योग। योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।
        Yoga is not a religion. It is a science, science of well-being, science of youthfulness, science of integrating body, mind and soul.

        योग एक धर्म नहीं है। यह एक विज्ञान है, सलामती का विज्ञान, यौवन का विज्ञान, शरीर, मन और आत्मा को एकीकृत करने का विज्ञान है। 

        योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे एक सीधा प्रायोगिक विज्ञान है। योग जीवन जीने की कला है। योग एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। एक पूर्ण मार्ग है-राजपथ।

        दरअसल धर्म लोगों को खूँटे से बाँधता है और योग सभी तरह के खूँटों से मुक्ति का मार्ग बताता है। 
        #MondayPatanjaliYog

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