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मे, २०२० पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

रत्नाध्याय Gems Therapy in Vastu

How can I make my immune system strong?

                                     Keep chanting Omkar 🕉️ in your mind and practice Yoga 🧘‍♂️ asanas daily. Worshiping of God 🙏 with body 🙆‍♂️, mind 🧠 and soul is the practice of yoga. 😊 प्राणायाम की अनंत महिमा है। प्राणायाम से हमारे पांचों प्राण पुष्ट हो जाते है। पंच कर्मेन्द्रियां, पंच ज्ञानेन्द्रियाँ इनको पुष्ट करता है प्राणायाम। लॉकडाउन में कोरोना वायरस से बचने के लिए सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, आसन करके अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाएं, अपने खान-पान में सुधार करें सात्विक आहार जिसमें विटामिन-सी हो, प्रोटीन हो, हरी सब्जियां हो, जंक फूड, फास्ट फूड सब बंद करें । योग🧘‍♀️ सबके लिए है, योग🧘‍♀️ करने से आपके अंदर दिव्यता आएगी, कुशलताएं बढ़ेंगी😇, प्रशन्नता 😁बढ़ेगी आप स्किलफुल, प्रोडक्टिव, इनोवेटिव होंगे🙏 ।जीवन योग है, यज्ञ है। जीवन एक संघर्ष है, साधना है। जीवन एक युद्ध है। योगी हो करके जीवन का युद्ध हमें करना है और जीतना है।Yoga with all scientific proofs and full demonstration make...

Patanjali Yog

Patanjali yog  यदि तुम अन्याय व अपराध का विरोध नहीं करते हो तो समझ लो कि तुम स्वयं भी अन्याय अधर्म व शोषण के समर्थक हो। योग अज्ञान से ज्ञान जड़ से चेतन जीव से ब्रह्म प्रत्यक्ष से परोक्ष व शांत से अनंत की आध्यात्मिक यात्रा है। जिस देश के नेतृत्व में पराक्रम शीलता विनय शीलता पारदर्शिता व दूरदर्शिता नहीं होती वह राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकता। समय ही संपत्ति है जो समय का सम्मान नहीं करता तथा समय के साथ नहीं चलता उसको समय कभी भी माफ नहीं करता। मनुष्य स्वभाव से ही शाकाहारी है मानवीय शरीर की संरचना शाकाहारी प्राणी की है यह वैज्ञानिक सत्य है हम योग के द्वारा स्वास्थ्य समृद्धि व संस्कारवान राष्ट्र वह विश्व का निर्माण करना चाहते हैं। पूरी दुनिया का इतिहास साक्षी है कि जब किसी भी देश के करोड़ों लोग एक साथ किसी आंदोलन में खड़े होते हैं तो व्यवस्थाएं सताए तथा इतिहास बदल  जाता है असंभव संभव हो जाता है जिस समाज व राष्ट्र में सज्जनों का सम्मान व सत्कार तथा दुष्टों का अपमान और तिरस्कार नहीं होता उस समाज व राष्ट्र का विनाश सुनिश्चित है। सज्जन का आदर्श तो वही होता है कि वह मस्त रहता है व्यस्त रह...

Direction in Vastushastra प्रमुख दिशा उपदिशा व दिक्क साधन

प्रमुख दिशा उपदिशा व दिक्क साधन वास्तुशास्त्र मध्ये दिशांना खूप महत्व आहे.  त्यामुळे दिशांचे ज्ञान असणे गरजेचे आहे. त्यासाठी दिक्क साधनांचा उपयोग प्राचीन वैदिक काळापासून वास्तुशास्त्रात केला जातो . वास्तुशास्त्र मध्ये हि सर्वात महत्वाची प्रक्रिया आहे , कि दिशा निर्धारित केल्या शिवाय कोणतेच कार्य करीत नाहीत. दिक्क साधन कोणते आहेत आणि त्यांचा वापर वास्तु शास्त्रामध्ये कश्या प्रकारे होतो हे आपण पाहणार आहोत. त्याआधी दिशांची थोडक्यात माहिती घेणे गरजेचे आहे.                वास्तुशास्त्र मध्ये प्रमुख आठ दिशा आहेत . त्यापैकी चार मुख्य दिशा आहेत व बाकीच्या चार उपदिशा आहेत . मुख्य दिशा आपण सर्वांना माहीतच आहेत कि , १) पूर्व २) पश्चिम ३) उत्तर ४) दक्षिण वास्तुशास्त्र कोर्स ऑनलाईन माध्यम -  मराठी, हिंदी, इंग्रजी अधिक माहिती साठी सम्पर्क ०८४०८९४३९९३  वास्तुशास्त्र नुसार दिशा उपदिशा व देवता  वास्तुशास्त्रामध्ये ४ चार उपदिशा आहेत. वास्तुशास्त्रानुसार असलेल्या चार मुख्य उपदिशा खालील प्रमाणे.  १) ईशान्य ( उत्तर - पुर्व )...